➤ प्रदेश में अगले चार दिन बारिश-बर्फबारी का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान
➤ रोहतांग दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर लगातार बर्फबारी, ठंड बढ़ने के आसार
➤ अंधड़ और ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट, तापमान में गिरावट होगी
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज से अगले चार दिनों तक बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 2 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने की संभावना है।
शुक्रवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का असर साफ देखने को मिला। रोहतांग दर्रा में लगातार दूसरे दिन बर्फबारी हुई, जबकि राजधानी शिमला में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। कुल्लू और लाहौल घाटी में सुबह के समय मौसम खराब रहा और ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। हालांकि दोपहर बाद कुछ इलाकों में धूप भी खिली।
ऊना में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें गिरावट आने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी, जबकि उसके बाद 3 से 6 डिग्री तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी अगले 3-4 दिनों में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में 28, 29 और 30 मार्च को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं 31 मार्च को कुछ क्षेत्रों में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। 1 और 2 अप्रैल को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों के लिए अंधड़ और ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
इस बीच अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी दर्रा से वाहनों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है, जबकि बंद सड़कों को बहाल करने के लिए बीआरओ और लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। वहीं शिंकुला दर्रा से मनाली-लेह मार्ग को फोर बाई फोर वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
मौसम के इस बदले मिजाज से जहां एक ओर किसानों और बागवानों को राहत की उम्मीद है, वहीं अचानक बढ़ी ठंड और खराब मौसम से आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है।



